झूम खेती किसे कहते है? | Jhoom Kheti Kise Kahate Hain

झूम खेती किसे कहते है Jhoom Kheti Kise Kahate Hain: भारत देश में बहुत ही काम ऐसे लोग हैं जिनको झूम खेती के बारे में जानकारी है | हालांकि भारत देश में बहुत ही कम जगह पर झूम खेती की जाती है यही कारण है कि अधिकतर लोगों को इसके बारे में कोई भी ज्ञान नहीं है|

यदि आप लंबे समय से झूम खेती के बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं ताकि आप भी एक सही जानकारी झूम खेती के बारे में हासिल कर सके | इस लेख में आपको झूम खेती के बारे में विस्तार से जानकारी मिलने वाली है तो चलिए जानते हैं झूम खेती क्या है|

झूम खेती किसे कहते है? | Jhoom Kheti Kise Kahate Hain

झूम कृषि एक आदिम प्रकार की कृषि मानी जाती है | क्योंकि इस कृषि को उपजाऊ बनाने के लिए बहुत ही कड़ी मेहनत करनी पड़ती है | सबसे पहले झूम कृषि करने के लिए वृक्ष तथा वनस्पतियों को पूरी तरह काट कर जलाया जाता है|

जब पूरी तरह भूमि साफ हो जाती है तब किसान अपने पुराने उपकरण या फिर नए उपकरणों के जरिए अपनी खेती की जुताई करके बीज बो दिए जाते हैं | यह दो या तीन वर्षों तक मिट्टी में उभरते रहते हैं|

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झूम खेती किसे कहते है Jhoom Kheti Kise Kahate Hain
झूम खेती किसे कहते है Jhoom Kheti Kise Kahate Hain

खेती को भारत की पूर्वोत्तर पहाड़ियों में आदिम जातियों के द्वारा की जाती है प्रकार की खेती को ही भारत में झूम कृषि कहा जाता है | झूम कृषि को भारत के साथ-साथ कई सारे देशों में किया जाता है|

झूम खेती में उगाई जाने वाली फैसले निम्नलिखित होती है जिसमें अधिकतर किसान मक्का मिर्च सब्जियां और फल इत्यादि की फसल करते हैं | इस विधि में ज्यादातर वह फसल की जाती है जो कम अवधि की होती है|

झूम खेती के फायदे क्या होते हैं?

यदि देखा जाए तो भारत देश में कुछ ही ऐसे राज्य हैं जहां पर झूम खेती की जाती है | जो किसान झूम खेती करते हैं वह झूम खेती से कई प्रकार के फायदे हासिल करते हैं | झूम खेती की विधि से मिट्टी की भौतिक स्थितियों में काफी सुधार देखा जाता है|

इस विधि के कारण खेती में कई प्रकार के सुधार देखे जाते हैं क्योंकि मिट्टी तक पोषण तत्व पहुंच पाते हैं। यही कारण है कि किसान इस खेती से काफी खुश होता है|

झूम खेती के नुकसान क्या होते हैं?

वैज्ञानिकों के द्वारा यह माना जाता है कि जो किसान झूम खेती कर रहे हैं उसे वातावरण को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचता है | झूम खेती के कारण वनस्पतियों की कटाई होने के कारण वातावरण खराब होना झूम खेती का कारण बन सकता है|


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Q. भारत में झूम खेती कहां की जाती है?

A. भारत देश में झूम खेती असम, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड इत्यादि राज्यों में किसानों के द्वारा की जाती है|


Q. झूम खेती की मुख्य फसल कौन सी मानी जाती है?

A. झूम खेती के मुख्य फसल चावल की खेती मानी जाती है|


Q. झूम खेती को राजस्थान में किस नाम से जाना जाता है?

A. राजस्थान में झूम खेती को (वालरा) नाम से भी जाना जाता है|


Q. झूम खेती को मध्य प्रदेश में किस नाम से जाना जाता है?

A. झूम खेती को मध्य प्रदेश में किसानों के द्वारा (दीवार मसान पिंडा पिंडा पर वीरा) नाम से जाना जाता है|


Q. झूम खेती को झारखंड में किस नाम से जाना जाता है?

A. झारखंड राज्य में झूम खेती को (कुरुवा) नाम से भी जाना जाता है|


अंतिम लाइन

हमारे द्वारा साझा की गई यह सामग्री झूम कृषि के ऊपर साझा की गई है यदि आपका कोई भी झूम खेती से जुड़ा हुआ सवाल है तो आप हमें सजा कर सकते हैं ताकि हम भी झूम खेती के बारे में अधिक जानकारी हासिल कर सकें|