अपनी जन्म कुंडली किस प्रकार देखें?

Apni janm kundali kis prakar dekhe: प्राचीन काल से ही सनातन धर्म में कुंडली (Kundali) का एक विशेष महत्व माना जाता है, सनातन धर्म में जब किसी परिवार में कोई बच्चा जन्म लेता है उसके कुछ समय के बाद ही उसे बच्चों की महर्षियों के द्वारा कुंडली बनवा जाती है।

यह जन्म कुंडली हर सनातन धर्म में जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है, प्राचीन सनातन मान्यताओं के अनुसार किसी भी व्यक्ति का भाग्य उसके जन्म से पूर्व ही निर्धारित हो जाता है।

यही कारण है कि अधिकतर सनातन में जन्मे हर बच्चे का कुछ समय के बाद ही महर्षियों के द्वारा कुंडली बनवा ली जाती है, लेकिन इस कुंडली को लोग स्वयं नहीं देख पाते हैं, अपनी जन्म कुंडली दिखाने के लिए लोग महर्षियों के पास जाते हैं।

क्योंकि महर्षि ही जन्म कुंडली को देख पाते हैं और सारी आपसे जुड़ी हुई जानकारी आपको साझा कर देते हैं, कुछ व्यक्ति इन महर्षियों को कुंडली देखने के लिए धन के रूप में कुछ ना कुछ दान जरूर दे देते हैं, ताकि यह महर्षि खुश हो सके।

लेकिन यदि आप यह जानना चाहते हैं कि अपनी जन्म कुंडली कैसे देखते हैं, यदि आप अपनी जन्म कुंडली श्याम देखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको जन्म कुंडली को विस्तार के साथ समझना होगा, तो चलिए समझते हैं।

जन्म कुंडली क्या होती है?


Janam kundali kya hoti hai: जन्म कुंडली (Janam kundali) को जन्मपत्री का भी कहा जाता है, सनातन धर्म में प्राचीन काल से ऋषि मुनियों के द्वारा जन्म कुंडली बनाई जाती है, इससे आपको यह पता चलता है कि आपके जीवन में क्या चल रहा है।

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Apni janm kundali kis prakar dekhe
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प्राचीन काल से ही जन्म कुंडली को बालक या बालिका जन्म लेते ही ऋषि मुनियों के द्वारा बनवा लिया जाता है, बच्चों की जन्म के समय आकाश में ग्रहों (Planets) की स्थिति या नक्शा देख कर बनाई जाती है।

ऋषि मुनियों के द्वारा यह बताया जाता है कि हर व्यक्ति के जीवन पर 9 ग्रह और 12 राशियों का प्रभाव जरूर होता है, इन नौ ग्रहों को और 12 राशियों को जानकर ही ऋषि मुनि हर व्यक्ति की जन्म कुंडली बनाते हैं।

अपनी जन्म कुंडली के बारे में कैसे जाने | Apni janm kundali kis prakar dekhe


अपनी जन्म कुंडली कैसे जाने: जब सनातन धर्म में कोई बच्चा जन्म लेता है, जन्म के कुछ समय के बाद ही ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति को ऋषि मुनियों के द्वारा देखा जाता है, जन्म कुंडली बनाने के लिए 12 खानों का निर्माण किया जाता है।

जिन्हें ऋषि मुनियों की भाषा में भाव के नाम से जाना जाता है, किसी भी व्यक्ति की जन्म कुंडली तैयार करने के लिए ऋषि मुनि 12 राशियों (Zodiac Signs) का उपयोग करते हैं, क्योंकि प्रत्येक राशि के लिए अलग-अलग भाव होते हैं।

हर एक भाव में एक राशि आती है, इसीलिए ऋषि मुनियों के द्वारा हर व्यक्ति की जन्म कुंडली की सहायता से भूत, वर्तमान और भविष्य कल के बारे में जानकारी आसानी के साथ प्राप्त कर ली जाती है।

साथ ही ऋषि मुनियों के द्वारा कुंडली देखकर राशियों और नक्षत्रों में सूर्य, चंद्रमा और दूसरे ग्रहों की स्थिति के बारे में अच्छे से मालूम पड़ जाता है, यही कारण है कि आज के समय में अधिकतर व्यक्ति अपनी जन्म कुंडली ऑनलाइन भी देख लेते हैं।

जन्म कुंडली में शामिल किए जाने वाले ग्रह कौन से हैं | Planets in Kundali Chart


जन्म कुंडली में शामिल किए जाने वाले ग्रह कुछ इस प्रकार से हैं –

  • सूर्य ग्रह
  • चन्द्र ग्रह
  • मंगल ग्रह
  • बुध ग्रह
  • बृहस्पति ग्रह
  • शुक्र ग्रह
  • शनि ग्रह
  • राहू ग्रह
  • केतु ग्रह
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जन्म कुंडली के भाव की जानकारी


  • प्रथम भाव
  • द्वितीय भाव
  • तृ्तीय भाव
  • चतुर्थ भाव
  • पंचम भाव
  • षष्ठ भाव
  • सप्तम भाव
  • अष्टम भाव
  • नवम भाव
  • दशम भाव
  • एकादश भाव
  • द्वादश भाव

राशियों के स्वामी का क्या नाम होता है


  • मेष का स्वामी = मंगल होता हैं
  • वृष का स्वामी = शुक्र होता हैं
  • मिथुन का स्वामी = बुध होता हैं
  • कर्क का स्वामी = चन्द्रमा होता हैं
  • सिंह का स्वामी = सूर्य होता हैं
  • कन्या का स्वामी = बुध होता हैं
  • तुला राशी का स्वामी = शुक्र होता हैं
  • वृश्चिक का स्वामी = मंगल होता हैं
  • धनु का स्वामी = गुरु होता हैं
  • मकर का स्वामी = शनि होता हैं
  • कुम्भ का स्वामी = शनि होता हैं
  • मीन का स्वामी = गुरु होता हैं
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जन्म कुंडली देखने का सही तरीका क्या है? | [Free Online]


यदि आप अपनी ऑनलाइन जन्म कुंडली देखना चाहते हैं तो आपको हमारे द्वारा दिए गए चरणों को फॉलो करना होगा तभी आप फ्री ऑनलाइन अपनी जन्म कुंडली देख सकते हैं।

  • आपको अपनी जन्म कुंडली देखने के लिए सबसे पहले www.astrosage.com ऑफिशल वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने एक नया फार्म खुल जाएगा।
Apni janm kundali kis prakar dekhe
  • इस फॉर्म में आपको अपना नाम, जन्मतिथि, जन्म समय इत्यादि जानकारी सही प्रकार से भरकर सबमिट वाली बटन पर क्लिक करने की आवश्यकता होगी।
  • अब आपके सामने आपकी जन्म कुंडली खुल जाएगी।
  • आप अपनी जन्म कुंडली का उपयोग करने के लिए इस वेबसाइट से डाउनलोड भी कर सकते हैं।
  • अब आप इस डाउनलोड प्रिंट को निकलवा सकते हैं।

अपनी जन्म कुंडली कैसे देखें । FAQ


Q. ऋषि मुनियों से फ्री में कहां बात की जा सकती है?

A. आप यदि फ्री में ऋषि मुनियों से बात करना चाहते हैं तो आप इंटरनेट के माध्यम से कुंडली वेबसाइट पर जाकर बात कर सकते हैं।

Q. क्या मैं ज्योतिषी से चैट कर सकता हूं?

A. जी हां आप बहुत सारे ज्योतिषियों से वेबसाइट के माध्यम से आसानी के साथ बिना किसी फीस के अपनी जन्म कुंडली के बारे में बात कर सकते हैं।

Q. मेरी जन्म कुंडली में क्या लिखा हुआ है?

A. मेरी जन्म कुंडली में क्या लिखा हुआ है यह जानने के लिए आपको किसी अनुभवी ऋषि मुनियों से बात करने की आवश्यकता है।

अंतिम शब्द |


इस लेख में साझा की गई जानकारी आपको सामान्य जानकारी प्रदान करती है यदि आप अपनी जन्म कुंडली को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित है तो आप अपने परिवार के बुजुर्ग लोगों से बात कर सकते हैं।

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